Sunday, June 04, 2017

बचपन में नानी
कहानी सुना
बड़े शान से मुस्कुराती
करवट ले
कुछ यूँ बुदबुदाती
कि हुआ क़िस्सा ख़त्म
और कहानी हज़म ...
तो अब क्यूँ ना रहे
अटल यही नियम
हमारा क़िस्सा जब
तुमने है ख़त्म कर दिया
क्यूँ मेरे मन को हज़म
का इंतज़ार रहे?

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